नब्ज़ चल तो रही थी ठीक से
पर क़ैद थे अकेलेपन में
जब तूने पत्थर रख दिए तो गिर पड़े
ना उठ सके

तू लम्हा वो, जो ठहरा नही
ये रात का अंधेरा इतना भी गहरा नही
माना फिलहाल तेरे करीब नही
पर ना आ सकूँ तेरे पास
इतना भी सख़्त ये पहरा नही

तेरे साथ बिताए लम्हों की दिल में तस्वीरे हैं
इन्हे देखकर लगता है की जुड़ गयी हमारी तक्दीरे हैं
पर फ़िर मुझे आता है याद
की तू है आज़ाद परिंदों की तरह
जबकि हाथों में मेरे ज़ंजीरिएन हैं

49 Figure Drawing Ideas and Images ! Start a Figure Drawing! - Page 24 of 49 - lasdiest.com Daily Women Blog!

क्या था वादा तेरा?
की हम नही होंगे जुदा
ना तो ये शब गयी
और ना ही हुई सुबह

तबाह कर दे मुझे
या टूट मुझ मे जा
क़ैद हुआ तेरी यादों में
क़ैद हुआ सौ दफ़ा

Picture courtesy: Pinterest

One thought on “Qaid (Captive)

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